हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वायरल संदेश ने विदेश यात्रा की योजना बना रहे भारतीयों के बीच खलबली मचा दी। इस संदेश में दावा किया गया था कि अब हर विदेश यात्रा से पहले आयकर विभाग से ‘टैक्स क्लीयरेंस’ लेना अनिवार्य होगा। हालांकि, सरकार ने इस दावे को पूरी तरह से खारिज करते हुए इसे एक फर्जी खबर बताया है, जिससे यात्रियों ने राहत की सांस ली है।
यह वायरल मैसेज विभिन्न प्लेटफॉर्म पर तेजी से फैल रहा था, जिसमें कहा गया था कि वित्त मंत्रालय ने एक नया नियम लागू किया है जिसके तहत विदेश जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति को यात्रा से पहले अपनी कर स्थिति की जांच करवानी होगी और अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त करना होगा। संदेश में यह भी दावा किया गया था कि इस क्लीयरेंस के बिना किसी भी यात्री को देश छोड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इससे लोगों के बीच तुरंत भ्रम और डर पैदा हो गया था।
सरकार का स्पष्टीकरण: PIB फैक्ट चेक ने खोला सच
इस भ्रामक दावे की सच्चाई का पता लगाने के लिए, सरकार की आधिकारिक फैक्ट-चेकिंग इकाई, प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) फैक्ट चेक ने मोर्चा संभाला। PIB फैक्ट चेक ने तत्काल इस वायरल संदेश की पड़ताल की और स्पष्ट किया कि ऐसा कोई भी नियम सरकार द्वारा जारी नहीं किया गया है। उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से जानकारी साझा करते हुए बताया कि “यह दावा फर्जी है। वित्त मंत्रालय/आयकर विभाग द्वारा विदेश यात्रा के लिए कर भुगतान/कर मंजूरी का ऐसा कोई भी नया नियम लागू नहीं किया गया है।”
यह स्पष्टीकरण उन लाखों यात्रियों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है जो इस झूठी जानकारी से परेशान थे। PIB फैक्ट चेक ने साफ किया कि भारत सरकार ने विदेश यात्रा के लिए किसी भी तरह के पूर्व कर क्लीयरेंस को अनिवार्य नहीं किया है और न ही इस संबंध में कोई नया निर्देश जारी किया गया है। यात्री अपनी योजनाओं को पहले की तरह जारी रख सकते हैं और उन्हें किसी अतिरिक्त कर-संबंधी औपचारिकताओं से गुजरने की आवश्यकता नहीं होगी।
क्या हैं मौजूदा नियम?
यह समझना महत्वपूर्ण है कि वर्तमान में, भारतीय नागरिकों को विदेश यात्रा करने के लिए किसी भी प्रकार के ‘टैक्स क्लीयरेंस’ की आवश्यकता नहीं होती है। हालांकि, देश के कुछ कानूनों जैसे FEMA (Foreign Exchange Management Act) और आयकर अधिनियम के तहत, कुछ वित्तीय लेनदेन या बड़ी राशि के विदेशी मुद्रा विनिमय पर नियम लागू होते हैं, लेकिन ये नियम यात्रा से पहले व्यक्तिगत कर क्लीयरेंस से संबंधित नहीं हैं। सामान्य रूप से, जब तक कोई व्यक्ति कर कानूनों का उल्लंघन नहीं कर रहा है, उसे विदेश यात्रा के लिए विशेष कर मंजूरी की आवश्यकता नहीं होती है। केवल सामान्य आव्रजन और सीमा शुल्क प्रक्रियाओं का ही पालन करना होता है।
सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे ऐसी भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न दें और किसी भी जानकारी की पुष्टि के लिए केवल आधिकारिक सरकारी वेबसाइटों और विश्वसनीय समाचार स्रोतों पर ही भरोसा करें। किसी भी संदेह की स्थिति में, PIB फैक्ट चेक या संबंधित सरकारी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर जानकारी सत्यापित करना सबसे सुरक्षित तरीका है।
संक्षेप में, यदि आप विदेश यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो निश्चिंत रहें। आपको यात्रा से पहले आयकर विभाग से किसी विशेष ‘टैक्स क्लीयरेंस’ की आवश्यकता नहीं है। यह दावा एक निराधार अफवाह है और सरकार ने इसे स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया है।
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